उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

उद्देश्य

इस योजना का मूल उद्देश्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार प्रक्रियाओं में कार्यरत श्रमिकों ⁄ कर्मकारों को गुणवत्तापरक खाद्यान्न सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है। योजना के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जायेगी जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन कम मूल्य पर उपलब्ध हो सके।


पात्रता

इस योजना के अन्तर्गत वे सभी कर्मकार पात्र होगें जो भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम 1996 की धारा–12 के अन्तर्गत लाभार्थी श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं, किन्तु प्रतिबन्ध यह होगा कि उक्त योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों को देय होगा जो आधार कार्ड धारक हैं एवं जिस जनपद में वे लाभ प्राप्त करना चाहते हैं उस जनपद में वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत अथवा इस प्रकार के केन्द्र ⁄ राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली किसी अन्य योजना ⁄ सहायता (दैवीय आपदाओं के दौरान दी गयी सहायता को छोडकर) के अन्तर्गत लाभ न प्राप्त कर रहे हों। इस आशय का घोषणा पत्र पंजीकृत श्रमिक द्वारा देना होगा।

हितलाभ एवं प्रक्रिया

1- लाभार्थी श्रमिक को इस योजना के अन्तर्गतमिलने वाला खाद्यान्न अधिकतम एक माह व न्यूनतम 15 दिन का एक बार में एकमुश्त लाभार्थी की इच्छा ⁄ आवश्यकतानुसार देय होगा। -

2- योजना के अन्तर्गत यह लाभ केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही देय होगा,किन्तु यदिकिसी परिवार में एक से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं तो यह लाभ सभी पंजीकृत श्रमिकों को देय होगा। -

3- एक पंजीकृत श्रमिकनिम्न प्रकार से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेगा –

क्र०सं० विवरण मात्रा
1. चावल 5kg.(15 दिनों में)
2. दाल 11/2 kg.(15 दिनों में)
3. चीनी 1kg.(15 दिनों में)

4- योजना के अन्तर्गत वाली दुकानों ⁄ स्टालों का समय प्रत्येक रविवार, बुधवार, शुक्रवार मध्यान्ह 01:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक होगा। मोबाइल वैन की सिथति में महत्वपूर्ण निर्माण स्थलों के लिए दिन एवं समय का निर्धारण स्थानीय कार्यालय से किया जायेगा। –

कठिनाईयों का निराकरण

योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाईयों के निवारण सचिव, बोर्ड द्वारा अध्यक्ष बोर्ड की अनुमति से किया जायेगा। उपरोक्त मात्रा के आधार पर अधिकतम एक माह व न्यूनतम 15दिवसों का खाद्यान्न पंजीकृत श्रमिक प्राप्त कर सकता है। खाद्यान्न की आपूर्ति बन्द पैकेट में होगी तथा इसकी गुणवत्ता FSSAI के मानकों के अनुसार होनी चाहिए।

वितरण की प्रक्रिया

1- यह योजना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारम्भ में जनपद लखनऊ, कानपुर नगर, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, वाराणसी, अलीगढ, इलाहाबाद, गोरखपुर जनपदों में प्रारम्भ की जायेगी, परन्तु यदि इन जनपदों में पंजीकृत श्रमिक बोर्ड द्वारा संचालित मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ ले रहे हैं तो इस योजना की पात्रता में नही रहेंगें। इन जनपदों में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या का विवरण संलग्न है।

2- योजना के अन्तर्गत बोर्ड द्वारा उपरोक्त जनपदों में खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु सस्ते दर की दुकानें स्थापित की जायेगी। दुकानों की संख्या एवं स्थान कानिर्धारण स्थानीय श्रमविभाग के कार्यालय द्वारा इस प्रकारकिया जायेगाकि पात्र एक हजार श्रमिकों पर एक दुकान स्थापित की जाएगी। दुकानों का संचालन आवश्यकतानुसार मोबाइल वैन के माध्यम से भी किया जा सकेगा।

3- खाद्यान्न आपूर्तिकर्ता का चयन टेण्डर प्रक्रिया से किया जाएगा।

4- दुकान संचालकों को दुकान केलिए चयन, सामान रखने केलिए गोदाम तथा परिवहन व्यवस्था में आने वाले व्ययों का वहन स्वंय करना होगा। दुकान का स्थान का निर्धारण स्थानीय स्तर पर सहायक श्रमायुक्त ⁄ उपश्रमायुक्त द्वारा किया जाएगा।

5- लाभार्थी द्वारा अदा की जाने वाली धनराशि एवं विक्रय की जाने वाली वस्तुओं के मूल्य के अर्न्तधन का भुगतान ⁄ वहन बोर्ड द्वारा किया जायेगा।

6- पंजीकृत श्रमिकों को तत्समय ही खाद्यान्न ⁄ सामग्री का भुगतान करना होगा। खाद्य सामग्री के मूल्य का 10% पंजीकृत श्रमिकों द्वारा वहन किया जायेगा तथा अतिरिक्त रकम का भुगतान बोर्ड द्वारा अनुदान के रूप में किया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया

1- पंजीकृत श्रमिक को खाद्यान्न सहायता योजना के अन्तर्गत स्टालों ⁄ दुकानों पर अपने पंजीयन कार्ड एवं आधार कार्ड के साथ जाकर वहां बायोमैट्रिक मशीन पर अपनी पहचान आधार कार्ड के माध्यम से स्थापित करनी होगी।

2- पंजीकृत श्रमिक को उसकी पहचान स्थापित होने के बाद उसकी आवश्यकतानुसार उसके द्वारा सामान क्रय किया जा सकेगा।

3- क्रय किये जाने वाले सामान के भुगतान स्टाक मेन्टेनेन्स व श्रमिक द्वारा ली गई सामग्री के वितरण का रख–रखाव, कम्प्यूटर एवं इस हेतु बनाये गये विशेष साफ्टवेयर द्वारा किया जायेगा।

अधिसूचना
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